Saathi (साथी)
साथी (Saathi) पर दिल छू लेने वाली शायरी शायरी 1 जीवन की हर डगर पर, एक ऐसा साथी हो, जो बिन कहे हर बात समझे, वो दिल का राही हो। शायरी 2 धूप में जब भी चला मैं, तेरी छाँव मिली, ऐ मेरे साथी , तेरी दोस्ती अनमोल खिली। शायरी 3 खुशी हो या गम का लम्हा, तू ही मेरा हमदम है, क्या करूँ तारीफ तेरी, तू मेरा सच्चा साथी है। शायरी 4 रास्तों पर चलते-चलते, जब मैं कभी लड़खड़ाया, तेरा हाथ थामकर साथी , मैं फिर से संभल पाया। शायरी 5 अंधेरी रात में भी, तू जुगनू सा चमका है, मेरे प्यारे साथी , तू ही तो मेरा मरहम है। शायरी 6 ख्वाबों की दुनिया में, तू संग-संग चलता है, हर मुश्किल में साथी , तू हौसला देता है। शायरी 7 रिश्तों की ...