Tabassum (तबस्सुम)
तबस्सुम (Tabassum) मुस्कुराहट के कुछ अनमोल लम्हे... होठों पर जब खिंचती है तुम्हारी तबस्सुम , सारा जहाँ लगता है रोशन, गुम हो जाते हैं हर गम। वो हल्की सी तबस्सुम , दिल को छू जाती है, हर उदासी, हर थकान पल भर में मिटा जाती है। न जाने कितनी हिकायतें बयान करती है ये तबस्सुम , खामोशी में भी दिल के राज़ खोल जाती है ये तबस्सुम । तेरी तबस्सुम है जैसे सुबह की पहली किरण, आँखों में चमक, दिल में सुकून, हर पल है नयापन। ज़िंदगी की उलझनों में एक पल का आराम है ये तबस्सुम , हर दर्द को भुलाने का एक प्यारा सा पैगाम है ये तबस्सुम । ...