नयन: दिलकश शायरी का संगम
तेरे नयन जैसे गहरे समंदर, जिनमें डूब जाने को जी चाहता है।
पलकें झुकीं तो रात हुई, पलकें उठीं तो सुबह, क्या कहें इन नयन की अदा पर।
तेरे नयन की हर एक भाषा, मेरे दिल का हर राज़ जानती है।
इन मदहोश नयन ने, जाने कितनों को दीवाना बनाया है।
जब से देखा है तेरे नयन को, हर चेहरा बेगाना लगता है।
क्या जादू है तेरे नयन में, कि हर बार उन्हीं में खो जाता हूँ।
तेरी नयन की गहराई में, एक पूरा जहान छुपा है।
बिन कहे सब कह जाते हैं, ये खामोश नयन तेरे।
एक झलक तेरे नयन की, और दिल में इश्क़ की बारिश हो जाती है।
काश इन नयन का दामन, उम्र भर मेरे दामन में रहता।
तेरे नयन की गहराई, हर राज़ को बयान करती है, बिन बोले ही सब कहती है।
Nayan (नयन)
Reviewed by Editor
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जून 10, 2026
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