Gulaab (गुलाब)

hindi shayari, हिंदी शायरी

गुलाब के रंग, प्यार के संग

गुलाब की तरह महकती है तेरी हर एक बात, तेरी यादों से रोशन होती है मेरी हर रात।

गुलाब की खुशबू सा तेरा एहसास, हर लम्हा दिल में जगाए प्यार की आस।

गुलाब के फूल सा तेरा नाम, जुबां पर आए तो मिल जाए आराम।

तेरा प्यार गुलाब की खुशबू बन जाए, मेरी हर सांस में बसता चला जाए।

गुलाब की तरह तुम भी नाज़ुक हो, और ख़यालों में हमेशा ताज़ा।

हाथ में गुलाब हो और साथ तुम, इस से खूबसूरत क्या ख़्वाब हो सकता है।

गुलाब की तरह तुम्हारा प्यार भी, जितना सहेजों उतना ही महकता है।

गुलाब की खुशबू जैसा प्यार, जो बिना कहे भी सब समझा दे।

जैसे गुलाब बिना शोर के महकता है, वैसे ही सच्चा प्यार खामोश होता है।

गुलाब की पंखुड़ियों में छुपा है इश्क़, जैसे तुम्हारे दिल में मेरी जगह।

Gulaab (गुलाब) Gulaab (गुलाब) Reviewed by Editor on जून 05, 2026 Rating: 5

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