Mayusi (मायूसी)
मायूसी (Mayusi): दिलों की गहराइयों से निकलीं 30 शायरियां शायरी 1 ज़िंदगी की राहों में कभी-कभी ऐसा भी होता है, हर तरफ छा जाती है गहरी सी मायूसी । शायरी 2 हर खुशी से रूठ कर बैठी है मेरी तकदीर, दिलों में घर कर गई है ये मायूसी की ज़ंजीर। शायरी 3 उम्मीदों के दीपक बुझ से गए हैं सारे, हर तरफ पसरी है अब बस मायूसी के नज़ारे। शायरी 4 हँसते हुए चेहरे के पीछे, एक दर्द गहरा है, ये मायूसी ही तो है, जिसने मुझको घेरा है। शायरी 5 रात की तन्हाई में, अक्सर वो दस्तक देती है, मेरी आँखों से टपकती हुई ये मायूसी । शायरी 6 ...