Agosh (आग़ोश)
आग़ोश: दिल को छू लेने वाली शायरी प्रेम, सुकून और आश्रय के अहसास में लिपटी कविताएँ तुम्हारी यादों की ठंडी हवा चली, और हम उनकी आग़ोश में सो गए। दुनिया की फ़िक्र से बेख़बर होकर, एक पल में सदियों के लिए खो गए। तेरी आग़ोश में आकर लगा यूँ, जैसे मिल गया हो खोया हुआ जहाँ। हर दर्द हर ग़म भुलाकर मैंने, पा लिया है मेरा सच्चा आसमां। जब रात ढले और चाँद चमकता है, तेरी आग़ोश में मेरा दिल धड़कता है। हर साँस में बस तू ही समाया है, यह कैसा अनोखा बंधन बन गया है। माँ की आग़ोश सा सुकून कहीं नहीं, उसमें लिपटकर हर ग़म भूल जाते हैं। उस ममता की छाँव में जीते हैं हम, और सारी दुनिया से दूर हो जाते हैं। बदलियों की आग़ोश में छ...