Akelapan (अकेलापन)
अकेलापन: दिल की गहराइयों से निकलीं शायरियाँ वीरानी का आलम कुछ पल के लिए भी कहाँ छूटता है साथ मेरा, मेरा अकेलापन ही अब मेरी महफ़िल है। रात की खामोशी रात की खामोशी में दिल से बातें करता हूँ, मेरा अकेलापन ही मेरा सबसे अच्छा हमसफ़र है। तन्हाई का दामन क्यूँ ढूंढूँ मैं किसी और की पनाह को भला, जब मेरे पास मेरा अकेलापन है। आँखों की नमी इन आँखों में आज भी नमी रहती है, क्यूंकि मेरा अकेलापन मुझसे दूर नहीं जाता। दिल की बातें दिल की बातों को अब किससे कहूँ मैं भला, मेरा अकेलापन ही मेरी दुनिया बन गया है। ...