Moat (मौत)
मौत पर शानदार शायरी गहरे एहसास और ज़िन्दगी का सच शायरी 1: जीवन का अंत ज़िन्दगी की धूप-छाँव में, एक दिन तो ढलना है, मौत की राह पर, हर मुसाफ़िर को चलना है। शायरी 2: खामोशी की पुकार जब खामोशी आगोश में लेती है, तब क्या होता है, कहते हैं, वो पल मौत का, हर किसी का होता है। शायरी 3: सफ़र का अंजाम हर सफ़र का अंजाम, एक दिन ठहर जाना है, आख़िरकार हमें मौत की गोद में सो जाना है। शायरी 4: सच है ये मौत वो सच है, जिसे कोई झुठला नहीं सकता, क़ब्र का रास्ता, कोई टाल नहीं सकता। शायरी 5: हर ज़ी को हर ज़ी को चखनी है, एक दिन मौत की कड़वाहट, ...