Raakh (рах)
जली हुई उम्मीदों की राख (राख) दर्द-ए-दिल की दास्तान अधूरे ख्वाबों की राख मोहब्बत की आग में जलकर, सब कुछ मिट गया, बची है बस अब अधूरे ख्वाबों की राख . यादों की राख दिल के आंगन में बिखरी है यादों की राख , हर कण में छिपी है एक अनकही दास्ताँ. दिल की राख कहने को तो बहुत कुछ था, पर अब कुछ नहीं, सिर्फ मेरे जले हुए दिल की राख है बची हुई. इश्क़ की राख इश्क़ की आग ने सब कुछ जला दिया, अब तो बस उसकी यादों की राख बची है. टूटे सपनों की राख क्या बताएँ कैसे टूट गए सब सपने, बस बची है अब टूटे सपनों की राख . ...