Jhumka (झुमका)
झुमका (Jhumka) - कानों की हर धड़कन, दिल की बात! झुमका शायरी #1 जब तुम चलती हो राहों में, तो दिल मचलता है, कानों में तुम्हारे, झुमका (Jhumka) यूँ ही झूलता है। झुमका शायरी #2 तेरी हँसी से गुलज़ार हो जाए ये दुनिया सारी, कानों में तेरा झुमका (Jhumka) , करता है अपनी खुद्दारी। झुमका शायरी #3 उसकी आँखों की चमक में, एक अजब सा जादू था, और उसके कानों में, झुमका (Jhumka) बहुत ही साधु था। झुमका शायरी #4 चाँदनी रात में जब वो छत पर आती है, उसके झुमके (Jhumka) की खनक, दिल में उतर जाती है। झुमका शायरी #5 हर अदा में एक नज़ाकत, हर बात में गहराई, तेरे झुमके (Jhumka) की अदाओं ने, मेरी नींदें चुराई। झुमका शायरी #6 ...