पाक (Paak) जज़्बातों की दिलकश शायरी
हर दिल में पाक रूह की तलाश
तेरी मोहब्बत का असर कुछ ऐसा हो गया, मेरा हर एहसास, हर जज़्बा पाक हो गया।
ईमान की पाक रौशनी
दिल में जो तेरे लिए जज़्बात हैं मेरे, उनमें एक पाक सी खुश्बू आती है।
पाक दामन की कहानी
दामन तेरा इतना पाक है कि क्या कहूँ, धूल भी अगर लगे तो वो इबादत बन जाए।
प्रेम की पाक नदियाँ
नदियों सा बहता रहे तेरा प्रेम मेरे लिए, हर एक बूँद उसकी, हर एक धारा पाक हो।
रिश्तों की पाक डोर
रिश्तों की डोर को यूँ ही सम्भाले रखना, क्योंकि हर एक रिश्ता है पाक हमारा।
खुदा की पाक नेमत
हर साँस तेरी, हर दुआ है पाक खुदा से, ये नेमतें मिली हैं हमें बड़ी चाह से।
इरादों की पाक बुलंदी
इरादे अगर पाक हों, तो मंज़िल करीब है, फिर चाहे रास्ता कितना भी क्यों न गरीब है।
सच्चाई की पाक मिसाल
तेरी हर बात में झलकती है सच्चाई, हर लफ्ज़ तेरा कितना पाक है, मेरे खुदा।
दिलों की पाक ज़मीन
दिलों की ज़मीन अगर पाक हो जाए, तो हर रिश्ता मोहब्बत से भर जाए।
अकीदत की पाक महफ़िल
जहाँ अकीदत हो सच्ची, दिल पाक हों, वहाँ खुदा की रहमतें बरसती हैं बेशुमार।
रूह की पाक पहचान
तेरी रूह की वो पाक सी पहचान है, जो हर बुराई को मेरे अंदर से मिटा दे।
पाक मोहब्बत का इज़हार
इजहार-ए-मोहब्बत भी मेरा कितना पाक है, तेरी आँखों में अब बस मेरा ही अक्स है।
हर दुआ में पाक एहसास
तेरी हर दुआ में मैंने खुद को पाया है, कितना पाक तेरा दिल, ये जाना है मैंने।
नज़र का पाक पैगाम
निगाहें जो मिलीं, तो बातें कुछ ऐसी हुईं, लगता है मेरा भी दिल अब पाक हो गया।
सुबह की पाक किरणें
सुबह की पहली किरण भी इतनी पाक न थी, जितना कि तेरा मुस्कुराना लगता है।
पाक सोच का उजाला
अगर सोच पाक हो, तो दुनिया बदल जाती है, हर मुश्किल फिर आसान सी लगने लगती है।
प्यार का पाक रूप
प्यार का वो रूप जो दुनिया में न मिले, तेरा प्यार इतना पाक है, जो हर जगह खिले।
इबादत की पाक मिठास
हर इबादत में बसी है तेरी खुशबू, कितनी पाक है ये महक, हर जगह महसूस हो।
दिल की पाक आवाज़
दिल से निकली हर आवाज़ है पाक मेरी, इसीलिए तेरी हर बात मुझे सच्ची लगती है।
वचन की पाक डोरी
जो वचन दिए हैं हमने एक दूजे को, वो पाक हैं, कभी टूटेंगे नहीं ये वादे।
सपनों की पाक उड़ान
मेरे सपने भी अब पाक से हो गए हैं, जब से तेरी चाहत ने इनमें उड़ान भरी है।
पाक दोस्ती का अफ़साना
ये दोस्ती हमारी कितनी पाक है, कभी न टूटेगी, ये हमारा वादा है।
ख्यालों की पाक दुनिया
तेरे ख्यालों की दुनिया भी कितनी पाक है, जहाँ मैं खुद को महफूज़ पाता हूँ।