दरवेश की दुनिया: रूहानी सफर
(The World of Darvesh: A Spiritual Journey)
सच्ची राह
दुनिया की रौनक से दूर, एक अजब ही फकीरी है,
जो दिल से बन जाए दरवेश (दरवेश), उसे क्या दुनियादारी है।
रूहानी सुकून
न दौलत का मोह, न शोहरत की चाहत, रूहानी सुकून उसका इनाम है,
जिसके दिल में उतर जाए खुदा, वही सच्चा दरवेश (दरवेश) मुकाम है।
खुदा की तलाश
कंकड़-पत्थर रास्ते में, पर मंज़िल है उसकी पाकीज़गी,
सच्चाई की राह चलता, हर कदम पे दरवेश (दरवेश) की सादगी।
अल्फाज़ की गहराई
उसकी बातों में जादू, उसकी आँखों में नूर है,
हर लफ्ज़ दरवेश (दरवेश) का, दिलों में बसने को मजबूर है।
मोहब्बत का रंग
दिल में मोहब्बत का दरिया, लबों पे खुदा का नाम है,
हर साँस में दरवेश (दरवेश) के, इबादत का पैगाम है।
सादा जीवन
सादा लिबास, सादा खान-पान, उसकी पहचान है,
हर गरीब के लिए वो फरिश्ता, दरवेश (दरवेश) की ये शान है।
रूह का रिश्ता
रूह का रिश्ता रूह से, जिस्म का क्या काम है,
जब रूहानी बन जाए हर शख्स, तब हर कोई दरवेश (दरवेश) है।
फकीर का दिल
फकीर का दिल देखो, कितना अमीर होता है,
हर दर्द को सह लेता है वो, सच्चा दरवेश (दरवेश) जो होता है।
ज्ञान की प्यास
किताबों में नहीं मिलता, जो ज्ञान उसकी आँखों में है,
हर बात गहरी है उसकी, एक दरवेश (दरवेश) की बातों में है।
आत्म-ज्ञान
खुद की तलाश में निकला, खुद को ही उसने पा लिया,
अपने भीतर ही रब को देखा, वो ही सच्चा दरवेश (दरवेश) कहलाया।
संसार से विरक्ति
संसार की मोह-माया से परे, एक अजीब सुकून है,
जब दिल में बस जाए वो रब, और बन जाए दरवेश (दरवेश)।
शांत स्वभाव
शांत स्वभाव, निर्मल मन, उसकी वाणी में रस है,
जो भी सुने दरवेश (दरवेश) को, वो उसी में ही बस है।
ईश्वर से जुड़ाव
ईश्वर से जुड़ाव उसका, दुनिया से बेख़बरी,
हर पल सजदे में रहता, ऐसा है हमारा दरवेश (दरवेश)।
सबका भला
किसी का बुरा न चाहा, किसी को न सताया है,
हर इंसान में रब को देखा, वो ही सच्चा दरवेश (दरवेश) कहलाया है।
निर्मल हृदय
निर्मल हृदय, पवित्र विचार, उसकी हर अदा में है नूर,
दुनिया की भीड़ में भी, वो दरवेश (दरवेश) रहता है मजबूर।
ईमान की पहचान
ईमान की दौलत से मालामाल, सच्चा दरवेश (दरवेश) है,
जो हर हाल में खुश रहे, रब का वो बंदा खास है।
रूह की पुकार
रूह की पुकार सुनता है, दिल की गहराइयों को समझता है,
हर एक इंसान में खुदा को देखता, सच्चा दरवेश (दरवेश) ही तो ऐसा होता है।
सरलता का प्रतीक
सरलता का प्रतीक वो, जिसका जीवन है एक सीख,
मोह-माया से दूर रहता, वही तो है सच्चा दरवेश (दरवेश) फकीर।
शांति की राह
शांति की राह पर चलता, मन में कोई द्वेष नहीं,
खुदा के रंग में रंगा है, वो ही सच्चा दरवेश (दरवेश) है सही।
दुनिया का हिसाब
दुनिया का हिसाब क्या रखता, वो तो अपने रब का हिसाब रखता है,
खुदा से ही उम्मीद रखता, वो ही सच्चा दरवेश (दरवेश) होता है।
ईश्वरीय नूर
जिसकी आँखों में ईश्वरीय नूर है, चेहरे पे भी चमक है,
हर बात में सच्चाई है, वो ही सच्चा दरवेश (दरवेश) है।