दुनिया (Duniya) पर बेहतरीन शायरी
शायरी 1
यह दुनिया तो एक मेला है,
कोई आया, कोई गया, सब अकेले हैं।
शायरी 2
तेरी यादों से रोशन है मेरी हर सुबह,
वरना यह दुनिया तो अंधेरों में खोई हुई थी।
शायरी 3
मतलब की इस दुनिया में,
बेमतलब का प्यार ढूंढते फिरते हैं।
शayari 4
ग़मों की रात में सो जाता है इंसान,
लेकिन यह दुनिया है, यहाँ सुबह फिर होती है।
शायरी 5
बहुत अजीब है यह दुनिया भी,
यहाँ दर्द देकर ही खुशी मिलती है।
शायरी 6
कोई कहता है दुनिया प्यार से चलती है,
कोई कहता है दुनिया दोस्ती से चलती है।
शायरी 7
तेरी एक झलक से सँवर जाती है दुनिया मेरी,
वरना हर सुबह मुझे बेरंग लगती है।
शायरी 8
यह दुनिया भी कितनी मतलबी है,
जरूरत पड़े तो खुदा भी याद आता है।
शायरी 9
तेरे बिना इस दुनिया में,
हर खुशी अधूरी लगती है।
शायरी 10
यह दुनिया है जनाब, यहाँ कद्र नहीं होती,
जब तक खुद को बेकरार न कर लो।
शायरी 11
हर रात यह सोचकर सो जाता हूँ,
शायद कल यह दुनिया बेहतर होगी।
शायरी 12
इश्क की राह में दुनिया भुला बैठे,
खुदा कसम, हम खुद को भी गंवा बैठे।
शायरी 13
जब से तुम मिले हो, यह दुनिया हसीन लगती है,
हर मंजर, हर पल, रंगीन लगती है।
शायरी 14
अपनी छोटी सी दुनिया में खुश हूँ मैं,
बड़ी दुनिया के फरेबों से दूर हूँ मैं।
शायरी 15
दुनिया का दस्तूर है, बदलना ही पड़ेगा,
आज नहीं तो कल, हर रिश्ते को बिछड़ना ही पड़ेगा।
शायरी 16
सारे गम भुला दिए, जब तुमसे मिली नजर,
लगता है यह दुनिया अब जन्नत सी है।
शायरी 17
यह दुनिया भी क्या कमाल करती है,
दिल तोड़कर भी सवाल करती है।
शायरी 18
जब तक ज़िंदा है, मुस्कुरा लो,
यह दुनिया फिर कहां मिलेगी।
शायरी 19
अकेले ही काटनी पड़ती है जिंदगी,
दुनिया तो बस तमाशा देखने आती है।
शायरी 20
हमने तो चाहा था तुम्हें इस दुनिया से चुरा लें,
मगर यह दुनिया ही हमें तुमसे चुरा ले गई।
शायरी 21
खुदा ने बनाई है यह दुनिया कितनी खूबसूरत,
काश इंसान भी इसे खूबसूरती से सजाते।
शायरी 22
यह दुनिया तो एक बाजार है,
कहीं खुशी मिलती है, कहीं गम का व्यापार है।
शायरी 23
जब तुम पास थे, हर चीज़ मुकम्मल थी,
अब यह दुनिया भी अधूरी सी लगती है।
शायरी 24
इंसान की फितरत ही बदल जाती है,
जब यह दुनिया उसे मौका देती है।
शायरी 25
कौन कहता है कि दुनिया में खुदा नहीं,
हमें तो हर लम्हे में उसका अहसास होता है।