Momin (मोमिन)

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मोमिन (Momin) की शान: रूहानी शायरी का संग्रह

1. ईमान की रोशनी

वो ही सच्चे हैं जो हर हाल में रब पर यकीं रखें,
आज़माइशों में भी जिनका दिल बन जाए मोमिन (मोमिन)।

2. सब्र का पैकर

सब््र की दौलत से मालामाल होता है वो, हर घड़ी,
कोई और नहीं, दुनिया में सिर्फ सच्चा मोमिन (मोमिन)।

3. सच की पहचान

उसकी ज़ुबाँ से निकले हर लफ्ज़ में होती है सदाकत,
झूठ को न छू सके, ऐसा है मेरा मोमिन (मोमिन)।

4. खुदा का बंदा

हर सांस में खुदा का ज़िक्र करता है वो दिल से,
उसकी हर इबादत में ढला है मोमिन (मोमिन)।

5. इख्लास की मिसाल

रूह में बसती है उसके नेकी की अज़मत,
रयाकारी से दूर रहता है सदा मोमिन (मोमिन)।

6. जन्नत का हकदार

आमाल-ए-सालिहा से भरता है अपना दामन,
खुदा की रहमत का तलबगार है मोमिन (मोमिन)।

7. दिल का सुकून

फ़िक्रों से आज़ाद रहता है जिसका ये दिल,
उसकी ज़ात में ही बसता है सच्चा मोमिन (मोमिन)।

8. खुदा से वाबस्तगी

दुनिया की रंगीनियों में खोता नहीं वो कभी,
अपनी दुनिया खुदा से जोड़ता है मोमिन (मोमिन)।

9. अमानतदार

अमानत में कभी खयानत नहीं करता है वो,
हर एक ज़ुम्मेदार का प्यारा है मोमिन (मोमिन)।

10. नेकी का सफर

राह-ए-हक पर चलना ही उसका है हमेशा मशगला,
भटकने नहीं देता अपने आपको मोमिन (मोमिन)।

11. पाक दामन

उसके दामन में नहीं कोई दाग, कोई खोट,
पाकीज़गी की मिसाल है अपना मोमिन (मोमिन)।

12. रहम दिल

कमज़ोरों पर हमेशा रखता है वो नज़र-ए-करम,
रहमदिली जिसकी पहचान, वो है मोमिन (मोमिन)।

13. हिदायत का नूर

उसकी ज़ात में छिपा है हिदायत का हर नूर,
भटके हुओं को राह दिखाता है मोमिन (मोमिन)।

14. तकवा की बुनियाद

तकवा और परहेज़गारी है उसके ईमान की बुनियाद,
खुदा से डरता है हर पल सच्चा मोमिन (मोमिन)।

15. बेखौफ मुसाफिर

अल्लाह के सिवा किसी से नहीं डरता जिसका दिल,
वो ही तो है खुदा का प्यारा मोमिन (मोमिन)।

16. इबादत का जुनूँ

इबादत में उसकी रूह को मिलता है सुकून,
हर नमाज़ में सजदा करता है मोमिन (मोमिन)।

17. किरदार की बुलंदी

उसके किरदार में झलकती है हर नेकी की शमा,
ऊँचे मर्तबे पर रहता है हमेशा मोमिन (मोमिन)।

18. शुक्रे खुदा

छोटी सी नेमत पर भी खुदा का शुक्रिया अदा करे,
शुक्रगुज़ार हमेशा होता है मोमिन (मोमिन)।

19. अहदे वफा

जो वादा कर ले, उस पर कायम रहता है वो उम्र भर,
अहदे-वफा का पैकर है मेरा मोमिन (मोमिन)।

20. दीन की ख़िदमत

दीन-ए-इस्लाम की ख़िदमत में लगा रहता है जो,
रूहानी तसकीन पाता है वही मोमिन (मोमिन)।

21. अखलाक का गहना

अखलाक की बुलंदी ही जिसका है ज़ेवर,
अपने किरदार से चमकता है मोमिन (मोमिन)।

22. नेकी की राह

गुनाहों से रहता है दूर वो हर पल, हर शाम,
नेकी की राह पर चलता है मोमिन (मोमिन)।

23. अल्लाह पर तवक्कल

तकदीर के हर फैसले पर वो राज़ी रहे सदा,
अल्लाह पर ही करता है तवक्कल मोमिन (मोमिन)।

24. हया का लिबास

उसकी आंखों में चमक है हया की हर घड़ी,
खुद को हिफाज़त में रखता है मोमिन (मोमिन)।

25. खुदा का नूर

जिसके दिल में उतर जाए खुदा का हर कलाम,
नूरी बन जाता है वो सच्चा मोमिन (मोमिन)।

26. मुस्तकीम राह

सीधी राह पर चलना है उसकी हर एक अदा,
गुमराही से बचाता है खुद को मोमिन (मोमिन)।

27. इल्म का जौहर

इल्म की रोशनी से रोशन है जिसकी हयात,
जहालत से दूर रहता है वो

Momin (मोमिन) Momin (मोमिन) Reviewed by Editor on अक्टूबर 21, 2026 Rating: 5

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