रूह की सुकून, दिल का नज़राना:
इबादत (Ibaadat) की पावन गहराइयाँ
अज़ल से अब तक
तेरी हर बात में मेरा नाम है, मेरी हर साँस में तेरा पैगाम है,
यही तो है सच्ची इबादत (इबादत), यही मेरा हर सुबह-ओ-शाम है।
दिल की हर धड़कन
दिल की हर धड़कन में, तेरा ही ज़िक्र रहता है,
मेरी हर इबादत (इबादत) में, बस तेरा ही फ़िक्र रहता है।
रूह का सुकून
सुकून मिलता है तेरी याद में, जब तेरी आरज़ू होती है,
मेरी रूह की इबादत (इबादत), तेरी ही जुस्तजू होती है।
तेरी राहों में
तेरी राहों में बिछाए हैं पलकें, तेरे दीदार को तरसते हैं,
यह मेरी इबादत (इबादत) ही तो है, जो तेरे दर पे बरसते हैं।
हर दुआ में
हर दुआ में मैंने बस तुझे ही माँगा है, हर नज़्म में तेरा ही ज़िक्र है,
यही तो है मेरी सच्ची इबादत (इबादत), बस तेरा ही मुझको फ़िक्र है।
नज़रों की प्यास
नज़रों की प्यास बुझाने को, तेरी झलक काफी है,
मेरी रूह की इबादत (इबादत) में, तेरी चाहत वाफी है।
इश्क़ की राह
इश्क़ की राह में, हर कदम तेरा साथ हो,
यही मेरी इबादत (इबादत) है, चाहे दिन हो या रात हो।
तेरा नूर
तेरा नूर जब मेरी आँखों में समा जाए,
मेरी हर साँस तेरी इबादत (इबादत) बन जाए।
रब से दुआ
रब से दुआ है, हर जनम में तेरा साथ मिले,
मेरी हर इबादत (इबादत) को, तेरी पनाह मिले।
ज़िन्दगी का मतलब
ज़िन्दगी का मतलब तो तभी है, जब तेरा नाम लबों पर हो,
मेरी हर इबादत (इबादत) में, तेरा ही एहतेराम हो।
सुबह-शाम
सुबह-शाम तेरी याद में, दिल मेरा मशगूल रहता है,
तेरी मोहब्बत की इबादत (इबादत) में, हर पल क़बूल रहता है।
खुदा की रहमत
खुदा की रहमत है, जो तुझसे मिलाया है,
मेरी इबादत (इबादत) का हर रंग, तुझमें सजाया है।
हर साज़ में
मेरी हर साज़ में तेरी ही धुन बजती है,
मेरी रूह की इबादत (इबादत), तुझे ही सजती है।
आशिक़ का धर्म
आशिक़ का धर्म है, महबूब की चाहत में जीना,
मेरी हर इबादत (इबादत) का मतलब है, तेरे इश्क़ में पीना।
तेरी फ़ना
तेरी फ़ना में ही मेरी बक़ा है, तेरी ख़ुशी में ही मेरी हँसी,
मेरी हर इबादत (इबादत) है, तेरा नाम हर घड़ी।
इश्क़ का नशा
इश्क़ का नशा ऐसा छाया है, कि कुछ और भाता नहीं,
तेरी इबादत (इबादत) के सिवा, कुछ और सुहाता नहीं।
तेरा सजदा
तेरा सजदा ही तो मेरी क़िस्मत का तारा है,
मेरी हर इबादत (इबादत) में, तेरा ही सहारा है।
दर्द में सुकून
दर्द में भी सुकून मिलता है, जब तेरा नाम लेता हूँ,
यह मेरी इबादत (इबादत) है, जिसे हर पल जीता हूँ।
हर लफ्ज़ में
मेरे हर लफ्ज़ में तेरा ही ज़िक्र होता है, मेरी हर नज़र में तेरा ही नूर,
यह कैसी इबादत (इबादत) है, जिसमें तू ही है हर कसूर।
मेरी सांसों में
मेरी साँसों में बसी है खुशबू तेरी, मेरे दिल में तेरा ही घर है,
यह इबादत (इबादत) है मेरी, जिसमें तू ही मेरा हमसफ़र है।
तेरी मोहब्बत
तेरी मोहब्बत ने मुझे जीना सिखाया है, हर दर्द में हँसना सिखाया है,
यही तो मेरी सच्ची इबादत (इबादत) है, जिसने मुझे तेरा बनाया है।
ज़िन्दगी का सार
ज़िन्दगी का सार है तू, मेरी हर खुशी का द्वार है तू,
मेरी हर इबादत (इबादत) का, बस एक ही पुकार है तू।
तेरी जुस्तजू
तेरी जुस्तजू में हर पल गुज़रता है, तेरी चाहत में दिल मेरा धड़कता है,
यह मेरी इबादत (इबादत) का ही असर है, कि हर ज़रा तुझसे लिपटता है।
दिल की आरज़ू
मेरे दिल की हर आरज़ू, तेरी ही पनाह में है,
मेरी हर इबादत (इबादत), तेरी ही राह में है।
रूह की पुकार
यह रूह की पुकार है, यह दिल की धड़कन है,
ते
Reviewed by Editor
on
सितंबर 23, 2026
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