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Maatha (माथा)

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माथा: तकदीर और ख्वाबों का संगम

हर लकीर में एक कहानी

दुनिया की रीत में उलझा मेरा मन,

तेरे दर पर झुकता ये मेरा माथा, मिले सुकून हर क्षण।

तकदीर का खेल

किस्मत की लकीरें etched हैं मेरे माथे पर,

ना जाने क्या लिखा है, मेरे हर सवेरे पर।

झुकी हुई नजर

इश्क़ में झुक जाए गर माथा किसी का,

समझो उसने जीत लिया सब कुछ जहाँ का।

सजदे का नज़ारा

जब सजदे में झुके मेरा ये माथा,

हर दर्द, हर फ़िक्र हो जाता है लापता।

चिंता की रेखाएँ

चिंता की लकीरें खींच गईं हैं मेरे माथे पर,

ज़िंदगी के बोझ से, या फिर तेरे नाम के असर पर।

मां का प्यार

मां की दुआओं से चमकता मेरा माथा,

उसकी ममता से हर गम हो जाता है गाथा।

प्यार की बिंदी

तेरे हाथों की बिंदी मेरे माथे पर सजी,

हर बला से मुझे बचाए, तेरी ये दुआ है अजी।

धूल में लिपटी पहचान

धूल में लिपटा मेरा माथा, तेरी गली की पहचान,

तेरी मोहब्बत से ही मिलती है मेरे दिल को शान।

गौरव की निशानी

ऊँचा रहे मेरा माथा, यह है मेरी पहचान,

गरिमा और स्वाभिमान की ये है अद्भुत निशान।

अंधेरों का साथी

अंधेरी रात में भी रोशन है मेरा माथा,

तेरे नाम से मिली है हर मुश्किल को गाथा।

कर्मों का फल

मेरे कर्मों का हिसाब लिखा है मेरे माथे पर,

ना कोई छुपा सकता है, ना कोई मिटा सकता है।

आँसुओं की बूंदें

कभी खुशी, कभी गम से भीग जाता है मेरा माथा,

आँसुओं की बूंदों से, लिखी है हर नई गाथा।

सत्य की पहचान

सच की राह पर चलता ये मेरा माथा,

झूठ के आगे कभी ना झुके, यही है इसकी गाथा।

पूजा का स्थान

हर मंदिर में झुकता है मेरा माथा श्रद्धा से,

ईश्वर के नाम पर मिलती है शांति हर अदा से।

सपनों की दुनिया

मेरे माथे पर लिखी हैं अनगिनत कहानियाँ,

सपनों की दुनिया में खोई हुई मेरी जिंदगानीयाँ।

प्रेम की निशानी

तेरे नाम की लाली सजी है मेरे माथे पर,

प्रेम की ये निशानी, अमर रहेगी हर डगर पर।

ज्ञान का दीपक

ज्ञान का दीपक जले मेरे माथे के द्वार पर,

अंधेरा मिटा दे, लाए रोशनी हर संसार पर।

बड़ों का आशीर्वाद

बड़ों के आशीष से चमक उठे मेरा माथा,

हर कठिनाई में मिलती है एक नई गाथा।

सफर की मंजिल

सफर की धूल जमी है मेरे माथे पर,

मंज़िल की चाहत लिए चलता रहा हर डगर पर।

झुर्रियों की कहानी

वक़्त की झुर्रियों ने सजाया मेरा माथा,

हर रेखा में छुपी है एक अनकही गाथा।

हार न मानी

कितनी ही मुश्किलें आईं, पर न झुका मेरा माथा,

संघर्ष की इस राह में, मिलती रही हर बार नई गाथा।

धैर्य का प्रतीक

धैर्य की निशानी लिए खड़ा है मेरा माथा,

हर तूफान से लड़कर, रचता है एक नई गाथा।

ईश्वर का आशीर्वाद

ईश्वर का हाथ जब पड़ा मेरे माथे पर,

हर मुश्किल हुई आसान, हर डगर पर।

तेरी यादें

तेरी यादों से सजा है मेरा ये माथा,

हर पल तेरी चाहत, हर दिन एक नई गाथा।

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