नसीब की बातें: दिल को छू जाने वाली शायरियां
शायरी 1
किस्मत के खेल भी अजीब हैं, कभी हँसाते कभी रुलाते हैं,
कोई लाख कोशिश कर ले, जो लिखा है नसीब में, वही पाते हैं।
शायरी 2
फूलों की तरह महकते रहें, हर पल यही आरज़ू है,
मगर खुशियों का मिलना भी तो अपने नसीब की गुफ़्तगू है।
शायरी 3
हर किसी को नहीं मिलता, जो वो चाहता है ज़िंदगी में,
कुछ बातें छोड़नी पड़ती हैं, ये भी नसीब का हिस्सा है कहीं में।
शायरी 4
हाथों की लकीरों में छुपा है, एक गहरा राज़,
क्या पाएगा दिल, क्या खोएगा, तय करता है नसीब का मिज़ाज।
शायरी 5
शिकायतें हैं बहुत सी, पर अब जुबान खामोश है,
क्या करें जब सब कुछ ही, नसीब का दोष है।
शायरी 6
मुसाफ़िर हैं हम, अपनी मंज़िल की तलाश में,
कब तक मिलेगी खुशी, ये तो लिखा है नसीब की आस में।
शायरी 7
ख्वाबों की दुनिया में जीते हैं अक्सर हम,
हकीकत में तो जो मिल जाए, वही है अपना नसीब और ज़ख़्म।
शायरी 8
हर दुआ कुबूल नहीं होती, हर ख्वाहिश पूरी नहीं,
कुछ तो रह जाती हैं अधूरी, यही तो है नसीब की कहानी।
शायरी 9
कभी सोचा न था ऐसा भी दिन आएगा,
जब हर चीज़ पे नसीब का सिक्का चलेगा।
शायरी 10
बदलते देखा है लोगों को, बदलते देखा है वक़्त को,
पर नहीं बदलता कभी, अपने हाथों का नसीब को।
शायरी 11
कागज़ पर लिख दी थी मैंने अपनी तक़दीर,
पर कलम की स्याही भी, नसीब के आगे फकीर।
शायरी 12
हर आंसू की कहानी है, हर मुस्कान में राज़ है,
ये सब नसीब की देन है, ये जीवन का अंदाज़ है।
शायरी 13
जितना दिया है खुदा ने, उतना ही काफी है,
ज़्यादा की चाहत क्यों, जब नसीब में लिखा माफ़ी है।
शायरी 14
दुआओं में असर होता, गर नसीब साथ देता,
पर यहाँ तो हर मोड़ पे, किस्मत का दांव रहता।
शायरी 15
पतझड़ के मौसम में भी, कभी फूल खिलते हैं,
खुशनसीब हैं वो, जिन्हें राह में अपने मिलते हैं।
शायरी 16
हर रात के बाद सवेरा, ये तो कुदरत का कानून है,
पर कब होगा मेरा, ये तो मेरे नसीब का जुनून है।
शायरी 17
हमेशा हारना नहीं होता, कभी जीतना भी आता है,
बस नसीब का खेल है सारा, कब कौन क्या पाता है।
शायरी 18
जो लिखा है किस्मत में, उसे कोई मिटा नहीं सकता,
बुरे वक़्त में कोई अपना, हाथ बढ़ा नहीं सकता, जब नसीब बुरा हो।
शायरी 19
प्यार और दोस्ती में, अक्सर धोखे मिलते हैं,
पर सच्चे रिश्तों का मिलना भी तो, अपने नसीब पे है।
शायरी 20
सितारों की गर्दिश में, मेरी किस्मत चमकती नहीं,
क्या करूं मेरे मौला, जब नसीब ही बदलती नहीं।
शायरी 21
बड़ी मुश्किल से मिलते हैं, दिल के करीब वाले,
खुशनसीब हैं वो, जिन्हें मिलते हैं ऐसे प्यार वाले।
शायरी 22
हर किसी की ज़िंदगी में, एक मोड़ आता है,
जब सब कुछ अपने नसीब पर छोड़ जाता है।
शायरी 23
चाँद सितारों की महफ़िल में, हम भी एक सितारे हैं,
जलना और बुझना तो, नसीब के इशारे हैं।
शायरी 24
कभी दूरियाँ भी बढ़ा देती हैं, प्यार की गहराइयाँ,
ये भी तो नसीब का लिखा है, अपनी मजबूरियाँ।