भरोसा (Bharosa) पर दिल छू लेने वाली शायरी
जीवन की राहों में, एक सहारा है,
रिश्तों का धागा, भरोसा प्यारा है।
जब दिल टूटे, तो हर शय अजनबी लगे,
बस एक भरोसा है, जो हर जख्म को भरे।
तेरी आंखों में देखा है मैंने वो ख्वाब,
जो भरोसा दिलाते हैं, बनके आफ़ताब।
रिश्तों की बुनियाद, भरोसा ही तो है,
इसके बिना हर बंधन, बस एक धोखा है।
अंधेरी रातों में, एक किरण सी जगी,
जब दिल ने कहा, तुम पर है भरोसा सही।
लफ़्ज़ों से नहीं, निगाहों से पढ़ लिया,
मेरे हर भरोसे को, तूने पूरा किया।
टूटे हुए वादे, सिखा जाते हैं सबक,
मगर सच्चा भरोसा, देता है हर पल चमक।
दुनिया की भीड़ में, खोया हुआ मन,
बस एक भरोसा ढूंढे, मेरा ये जीवन।
हर चुनौती से लड़ जाऊँ, तेरी प्रेरणा से,
क्यूंकि जानता हूँ, तुम पर है भरोसा दिल से।
धोखे हज़ार मिलेंगे, राह-ए-मोहब्बत में,
पर एक भरोसा है, जो कायम है हर उल्फत में।
दूरियों से नहीं मिटता, जो दिलों में बस गया,
ये भरोसा ही तो है, जो अटूट रह गया।
सागर की गहराई में, मोती मिलता है,
वैसे ही रिश्तों में, भरोसा पलता है।
जब साथी हो सच्चा, तो डगर आसान लगे,
उसके भरोसे से ही, हर मुश्किल भागे।
छोटी सी बात पर, अक्सर टूट जाते हैं रिश्ते,
अगर मजबूत हो भरोसा, तो कभी नहीं फिसलते।
खुद पर भरोसा रखो, दुनिया मानेगी तुम्हें,
वरना हर कदम पर, लोग आजमाएंगे तुम्हें।
वक्त की रेत पर, नाम लिख जाते हैं,
जो निभाते हैं भरोसा, वो अमर हो जाते हैं।
टूटे हुए कांच की तरह, दिल बिखरा था कभी,
भरोसा था तुझ पर, फिर से संभला तभी।
ख्वाबों को हकीकत में, बदलने की आस,
बस भरोसा ही तो है, जो रखता है पास।
कभी हार मत मानना, ये भरोसा है तेरा,
हर मुश्किल के बाद, आएगा सवेरा।
रिश्तों की डोर को, ज़रा थाम के रखना,
भरोसा ही तो है, जो इसे मज़बूत रखता।
बात भरोसे की जब आती है, तो दिल सहम जाता है,
क्यूंकि धोखे से हर कोई, अब तो घबराता है।
जो एक बार टूट जाए, वो भरोसा कहाँ रहता है,
ज़िंदगी भर फिर वो, एक चुभन सी देता है।
बिना भरोसे के, हर रिश्ता अधूरा है,
ये वो नींव है, जिससे हर घर पूरा है।
अपनी पहचान बनाना, तो भरोसा कायम रखना,
वरना ज़माने में, कोई नहीं समझेगा तुम्हारा सपना।
कभी खुद से भी रूठे तो, भरोसा रखना मुझ पर,
मैं तेरा वो साया हूँ, जो चलेगा हर डगर।
जब टूटे दिल, और बिखर जाए सब,
एक भरोसा ही है, जो कहता है, "फिर उठ अब"।
अंधेरी रात में, चाँदनी का भरोसा है,
वैसे ही मुश्किलों में, तेरे प्यार का सहारा है।
सच्चा दोस्त वही, जो भरोसे पे खरा उतरे,
बाकी सब तो हैं राहगीर, जो बस यूं ही गुज़रे।
ए ज़िंदगी! तुझसे है मुझे ये भरोसा,
हर इम्तिहान से तू, निकालेगी बे-दोषा।
खुद पे भरोसा कर, फिर देख कमाल,
हर मंज़िल तेरे कदमों में, मिट जाएगा हर सवाल।
भरोसा वो धागा है, जो रिश्तों को बुनता है,
जब ये टूट जाए, तो दर्द बहुत चुभता है।
हर मुस्कुराहट के पीछे, एक कहानी होती है,
और हर भरोसे के पीछे, एक निशानी होती है।