दीन (Deen) पर आधारित 30 प्रेरणादायक शायरी
शायरी 1
दुनिया की दौलत किस काम की,
गर भूल जाए बंदा अपना दीन (दीन).
शायरी 2
ज़िन्दगी का सफर आसान हो जाए,
जब राहों में हो अपना दीन (दीन).
शायरी 3
खुदा की रहमत है ये, जो हमें मिला,
सम्भाल कर रखना अपना दीन (दीन).
शायरी 4
ईमान की रौशनी से दिल को जगा,
यही है सच्ची दौलत, अपना दीन (दीन).
शायरी 5
गमों का पहाड़ भी राई हो जाए,
जो साथ रहे तेरे, तेरा दीन (दीन).
शायरी 6
नेकियाँ कमा ले इस फानी दुनिया में,
काम आएगा आखिरत में, तेरा दीन (दीन).
शायरी 7
भटक न जाए कहीं, ये तेरा कदम,
पकड़ ले मजबूत, अपना दीन (दीन).
शायरी 8
अंधेरी शब में रोशनी की किरण,
है रहनुमा हमारा, हमारा दीन (दीन).
शायरी 9
दिलों में मोहब्बत की शमा जलाए,
यही सिखाता है हमें अपना दीन (दीन).
शायरी 10
ज़माने की ठोकरें कुछ न बिगाड़ेंगी,
जो तेरी पनाह में हो, तेरा दीन (दीन).
शायरी 11
ख्वाहिशों के समंदर में डूबने से बचा,
बचाएगा तुझे तेरा दीन (दीन).
शायरी 12
हकीकत से रूबरू कराता है जो,
वो और कुछ नहीं, बस हमारा दीन (दीन).
शायरी 13
परखा है हर रिश्ते को दुनिया में,
सच्चा साथी है अपना दीन (दीन).
शायरी 14
मुश्किलों में भी जो हिम्मत न हारे,
ऐसी ताकत देता है, अपना दीन (दीन).
शायरी 15
ज़मीर को पाक रखता है सदा,
ये खुदा का तोहफा है, अपना दीन (दीन).
शायरी 16
दुआओं में असर है, ये सब मानते हैं,
दुआ सिखाता है हमें, अपना दीन (दीन).
शायरी 17
दुनिया की चकाचौंध में खो न जाना,
राह दिखाता रहेगा, तेरा दीन (दीन).
शायरी 18
सुकून-ए-कल्ब की तलाश है गर,
तो अपना ले, अपना दीन (दीन).