ध्यान (Dhyan) की गहराइयों में डूबे शेर
शायरी 1
जब मन को अपने साध लिया,
तब जीवन में सच्चा ध्यान पा लिया।
शायरी 2
एकाग्रता की शक्ति बड़ी,
ध्यान में खोकर दुनिया खड़ी।
शायरी 3
हर साँस में जब ईश्वर बसे,
तब सच्चा ध्यान ही मन को जंचे।
शायरी 4
जीवन की हर मुश्किल आसान हो,
जो हर पल तेरा ध्यान हो।
शायरी 5
भीतर के शोर को शांत करता है,
ध्यान ही तो सच्ची शांति भरता है।
शायरी 6
जब मन की गहराई में उतरो,
ध्यान से ही खुद को सँवारो।
शायरी 7
भटकते मन को राह दिखाता है,
ध्यान ही जीवन को सजाता है।
शायरी 8
जब आँखों से ओझल हो जग सारा,
तब भीतर जागे ध्यान का किनारा।
शायरी 9
आत्मा का परमात्मा से मिलन हो,
यही तो है सच्चे ध्यान का क्षण हो।
शायरी 10
तन-मन को जो शुद्ध कर जाए,
वो ध्यान की ज्योति ही कहलाए।
शायरी 11
संसार की मोह-माया से परे,
ध्यान में ही मन मुक्ति ढूँढे।
शायरी 12
आंतरिक शांति का गहना है,
ध्यान ही तो जीवन का कहना है।
शायरी 13
सुबह-शाम का हो ये नियम,
करो हर पल प्रभु का ध्यान।
शायरी 14
विचारों की भीड़ में भी तुम,
ढूँढो अपने मन का ध्यान।
शायरी 15
तन की थकान मिट जाए पल में,
जो समा जाए गहरे ध्यान में।
शायरी 16
कर्म करते जाओ, फल की आस ना करो,
बस प्रभु के चरणों में ध्यान धरो।
शायरी 17
अशांत मन को स्थिर करता है,
ध्यान ही तो सही राह दिखाता है।
शायरी 18
अपनी साँसों पर जब रखोगे ध्यान,
मिलेगा तब तुम्हें आत्मज्ञान।
शायरी 19
हर कठिनाई से बाहर निकाले,
अगर मन में प्रभु का ध्यान पाले।
शायरी 20
जीवन को जब समझना चाहो,
तो ध्यान की गहराई में जाओ।
शायरी 21
हर दुख से मुक्ति दिलाता है,
सच्चा ध्यान ही राह दिखाता है।
शायरी 22
मन की चंचलता को रोके जो,
वह शक्ति केवल ध्यान में है वो।
शायरी 23
अंदर के सागर में डुबकी लगाओ,
अपने ध्यान से मुक्ति पाओ।
शायरी 24
अंधेरी राहों में प्रकाश है ये,
जीवन का सच्चा ध्यान है ये।