फ़कीर की दुनिया: ज़िंदगी के रंग
1. दरवेश की पुकार
वो चलता रहा राहों में बेख़बर, हर पल,
कहलाता रहा दुनिया में एक सच्चा फ़कीर हर पल।
2. रब का बंदा
दौलत नहीं, सुकून है जिसकी पहचान,
वो रब का बंदा, वो सच्चा फ़कीर महान।
3. मन की अमीरी
जिसके मन में नहीं कोई लालच का शोर,
वही तो है असली फ़कीर, वही सच्चा चोर।
4. दुनिया से बेपरवाह
दुनिया की दौलत से जिसको नहीं है कोई काम,
उस बेपरवाह इंसान का नाम है फ़कीर नाम।
5. सुकून का बादशाह
जो दिलों का बादशाह है, न कि दौलत का गुलाम,
वो अपनी धुन में मगन, एक सच्चा फ़कीर तमाम।
6. राह का राही
सदा चलता रहे वो, अपनी ही धुन में खोया,
क्या जाने दुनिया, कि कैसा है ये फ़कीर का रोया।
7. सादगी का मिसाल
सादगी जिसकी पहचान, संतोष जिसका लिबास,
दुनिया में वो ही सबसे बड़ा, वही सच्चा फ़कीर है ख़ास।
8. खुदा का नूर
जिसकी आँखों में खुदा का नूर है चमकता,
वो अपने आप में ही पूरा जहान, एक फ़कीर है बहकता।
9. कोई शिकवा नहीं
कभी ना कोई शिकवा, ना कोई शिकायत लाये,
ऐसे ही जिए अपनी ज़िन्दगी, फ़कीर हो या बादशाह।
10. मस्तमौला
जो अपनी धुन में मस्त है, न किसी की परवाह करे,
वही तो है दुनिया में सच्चा फ़कीर, जो अपनी राह चले।
11. दिल का अमीर
दौलत का मोह नहीं, ना ही है कोई अरमान,
दिल से जो है अमीर, वो ही है सच्चा फ़कीर इंसान।
12. आत्मज्ञान का पथ
राह-ए-हक़ पे चलने वाला, ज्ञान का प्यासा,
वही तो है जगत में, असली फ़कीर और आशा।
13. बेखौफ जिंदगी
जिसे न मौत का डर, न किसी का खौफ सताए,
वो अपनी मौज में जिए, ऐसा ही होता है एक फ़कीर।
14. सच्चा आशिक
जो इश्क़ में डूबा है, रूह से रूह मिलाये,
वही तो है दुनिया का सबसे बड़ा फ़कीर, सबसे प्यारा साये।
15. संतोष का धन
जिसके पास संतोष है, वही सबसे धनी,
क्या जाने दुनिया, ये फ़कीर की है क्या कहानी।
16. आजाद रूह
आजाद है वो रूह, जो बंधनों से परे है,
किसी दरबार का नहीं गुलाम, वो सच्चा फ़कीर खरे है।
17. प्रेम का पुजारी
प्रेम की धुन में मगन, दिलों को जीत ले वो,
खुदा का प्यारा बंदा, ऐसा ही होता है एक फ़कीर जो।
18. मौला की मर्ज़ी
जो मौला की मर्ज़ी में अपनी रजा पाए,
वो हर हाल में खुश है, वही सच्चा फ़कीर कहाए।
19. ज़ुबान पे दुआ
जिसकी ज़ुबान पे सदा रहती है बस दुआ,
वो ही तो है खुदा का नेक बंदा, वो ही फ़कीर हुआ।