इत्मीनान: सुकून और सब्र की गज़लें
हर रात की कहानी
दिल को तसल्ली दे के, कहूँ बस एक बात,
मिल जाएगा तुम्हें भी, कभी तो इत्मीनान.
सब्र का फल
तूफान ज़िंदगी के, कहाँ थमते हैं यूँ ही,
गर है सब्र तो मिलेगा, हर शय में इत्मीनान.
ख़ामोशी का सफर
लबों पर खामोशी, आँखों में ठहराव है,
इसी सुकून में छुपा, दिल का इत्मीनान है.
वक्त की धुन
वक्त की हर चाल में, है एक गहरा राज़,
जो समझ ले इसे, पा ले इत्मीनान आज.
रूह का आराम
हर फिक्र को भुलाकर, जब आंखें मूंद ले तू,
तभी मिलेगी रूह को, सच्चा इत्मीनान तू.
ख्वाबों का शहर
ख्वाबों के शहर में, खोया है हर इंसान,
हकीकत में ढूँढता, पल भर का इत्मीनान.
तेरा इंतज़ार
बरसों से है दिल को, तेरा ही इंतज़ार,
कब आएगा वो लम्हा, जब मिले इत्मीनान यार.
दिल की गहराइयाँ
दिल की गहराइयों में, छुपा है राज़-ए-सुकून,
जो ढूँढे उसे, पाए हर पल इत्मीनान.
सुबह का मंज़र
सुबह की किरणों में, ढूँढो अपना मकाम,
मिल जाएगा तुम्हें भी, एक दिन इत्मीनान.
तेरी यादों में
तेरी यादों में खोकर, मिलता है सुकून,
हर पल में है हासिल, मुझको इत्मीनान.
गम की लहरें
गम की लहरों से भी, अब नहीं है कोई डर,
क्योंकि सिखा दिया है, दिल को मैंने इत्मीनान कर.
परिंदों सी आज़ादी
आज़ाद परिंदों सी, है अपनी भी उड़ान,
खोकर आसमान में, मिलता है इत्मीनान.
छोटी खुशियाँ
छोटी-छोटी खुशियों में, ढूँढ ले अपना जहान,
मिल जाएगा ज़िंदगी में, हर पल इत्मीनान.
आँखों की नमी
आँखों में नमी है, पर होंठों पर मुस्कान,
इसी कश्मकश में भी, है दिल को इत्मीनान.
मंज़िल का सफर
मंज़िल से भी प्यारा, सफर का है ये नाम,
हर मोड़ पर मिलता, दिल को इत्मीनान.
रात की गहराइयों में
रात की गहराइयों में, छिपी है कोई बात,
जो दे जाए रूह को, बेहिसाब इत्मीनान.
सुकून की तलाश
दुनिया की भाग-दौड़ में, सब ढूंढें सुकून,
पर मिलता है सच्चा इत्मीनान, खुद में ही जुनून.
तेरा साथ
जब से मिला है मुझको, तेरा ये प्यारा साथ,
हर लम्हे में है मुझको, हासिल इत्मीनान की बात.
झोंके हवा के
हवा के झोंकों में, बहती है एक धुन,
जो दे जाती है दिल को, अनोखा इत्मीनान.
तारों की रौशनी
तारों भरी रात में, ढूँढो अपना आसमां,
मिल जाएगा कहीं तो, तुम्हें भी इत्मीनान.
दर्द का मरहम
हर दर्द का मरहम, है तेरी ये मुस्कान,
जो दे जाती है मुझको, बेपनाह इत्मीनान.
नदी का किनारा
नदी के किनारे, बैठे हुए अकेले हम,
पाते हैं हर लहर में, एक नया इत्मीनान.
गुज़रा हुआ कल
गुज़रा हुआ कल तो, कभी वापस न आए,
जो है आज में जी ले, पा ले इत्मीनान, प्यारे.
Reviewed by Editor
on
अक्टूबर 08, 2026
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