शांति (Shanti) पर दिल छू लेने वाली शायरी
Shanti (शांति) मिले जहाँ, वो दर ढूंढ़ते हैं हम,
ज़िंदगी के हर सफर में, वो असर ढूंढते हैं हम।
दिल को छू ले ऐसी, वो Shanti (शांति) कहाँ मिलती है,
शहरों के शोर में, अक्सर वो खो जाती है।
हर सुबह की पहली किरण में, Shanti (शांति) की आस है,
जीवन की हर मुश्किल में, ये ही तो हमारी साँस है।
जब मन में बसेगी Shanti (शांति), तब ही खुशी मिलेगी,
दुनिया की हर दौड़ में, एक सुकून की घड़ी मिलेगी।
बिखरे हुए लम्हों में, Shanti (शांति) की तलाश है,
गहरे समंदर सी गहरी, ये ही तो हमारी प्यास है।
कभी दरख्तों की छाँव में, कभी पहाड़ों की ओट में,
दिल ढूँढता रहता है, Shanti (शांति) हर एक चोट में।
शब्दों के जाल से परे, एक Shanti (शांति) की धुन है,
जो रूह को सुकून दे, वो ही अनमोल गुन है।
गर तलाश है Shanti (शांति) की, तो भीतर झाँक के देखो,
बाहर की दुनिया में नहीं, खुद में इसे पा के देखो।
हर रात के सन्नाटे में, Shanti (शांति) की बात होती है,
उम्मीदों की लौ जलाती, एक नई शुरुआत होती है।
रिश्तों की डोर में भी, Shanti (शांति) का होना ज़रूरी है,
बिन इसके तो हर बंधन, मानो अधूरा सा ज़रूरी है।
जब आँधियों में भी, मन में Shanti (शांति) कायम रहे,
तो समझो ज़िंदगी का हर इम्तेहान, तुम पर मेहरबान रहे।
Shanti (शांति) की बूँदें जब बरसती हैं दिल पर,
हर ज़ख्म भर जाता है, सुकून मिलता है हर पल।
ये दौलत, ये शोहरत, सब फीके पड़ जाते हैं,
जब मन में नहीं होती Shanti (शांति), तो सब अधूरे रह जाते हैं।
छोटी सी आशा, एक मीठी सी धुन,
ले आती है दिल में, Shanti (शांति) का सुकून।
जहाँ कोई शिकायत नहीं, कोई गिला नहीं,
बस उसी पल में मिलती है, सच्ची Shanti (शांति) कहीं।
अपने अंदर की दुनिया में, जब Shanti (शांति) छा जाए,
बाहर का शोर भी, फिर भला क्या बिगाड़ पाए।
कभी खुली हवा में, कभी शांत सुबह में,
Shanti (शांति) मिलती है, प्रकृति के हर जलवे में।
ख्वाहिशों के बोझ तले, जब दिल थक जाता है,
तब Shanti (शांति) की छाँव में ही, वो आराम पाता है।
ये ज़िंदगी का सफ़र है, कभी तेज, कभी धीमा,
पर Shanti (शांति) की तलाश में, हर यात्री हमेशा।
मुस्कुराते चेहरों में, छुपी Shanti (शांति) को देखो,
जीवन की हर राह में, खुशियों को बिखेर के देखो।
दिल की गहराई में, एक Shanti (शांति) का सागर है,
जो ढूंढ ले इसे, वही तो सबसे भाग्यशाली है।
शोर-शराबे की दुनिया में, एक कोना तो ऐसा हो,
जहाँ मिल सके दिल को, सच्ची Shanti (शांति) का अफ़साना हो।
Reviewed by Editor
on
अक्टूबर 08, 2026
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