करम (Karam): ज़िंदगी की राह और उसके फल
करम का सिला
तेरी रहमतों का ये कैसा सिला है,
जो भी दिया तूने, मेरे करम से मिला है।
ज़िंदगी का सफर
ज़िंदगी की हर मोड़ पर हमने देखा,
अपने करम का ही फल हमने चखा।
शायर की बात
क्या खूब कहा है किसी शायर ने,
बदल जाते हैं हालात अपने करम से।
नसीब और मेहनत
नसीब पे रोना कैसा, जब करम है अपना,
खुद ही लिखनी है तकदीर, ये ख्वाब है सपना।
भलाई की राह
अच्छे करम कर जा इस दुनिया में तू,
वरना आखिर में पछताएगा क्यूँ?
हिसाब-किताब
हर साँस पे लिखा है हिसाब मेरे करम का,
मिटा नहीं सकता कोई निशान मेरे ज़ख्म का।
सुकून की तलाश
बड़ा सुकून मिलता है जब करम नेक हो,
जीवन की राहों में फिर हर कदम एक हो।
वक्त की धार
वक्त की धार में बहते चले जाते हैं,
अच्छे या बुरे करम ही याद आते हैं।
हसीन जीवन
खुदा ने बक्शा है ये हसीन जीवन,
सँवार ले इसे, अपने करम से बन।
खाली हाथ
क्या लेकर आया था, क्या लेकर जाएगा,
बस अपने करम का लेखा-जोखा पाएगा।
बुलंदियों का राज
ज़माने में वो ही बुलंदियों को छूते हैं,
जिनके करम ही उनकी पहचान बनते हैं।
फूल और करम
फूल खिलते हैं और मुरझा भी जाते हैं,
करम ही हैं जो इंसान के साथ जाते हैं।
तकदीर की शिकायत
शिकायत ना कर ए दिल, अपनी तकदीर से,
मिलता है वो ही, जो लिखा है तेरे करम से।
दुनिया बदलती है
वो कहते हैं करम से बदलती है दुनिया,
बस नेक राह पर चलना है, यही है सूनिया।
जैसा बोओगे
जो बीज बोएगा, वही काटेगा तू,
ये करम का फल है, इसे स्वीकार कर तू।
रूह की पहचान
दुआओं में असर है, करम में जान है,
यही तो रूह की सच्ची पहचान है।
गिरना संभलना
कभी-कभी गिरते हैं, कभी संभलते हैं,
ये सब अपने करम का ही खेल है।
नेकनामी
दुनिया में नेकनामी उन्हीं को मिलती है,
जिनके करम की खुशबू हर तरफ खिलती है।
रोशनी भर दे
उजाला कर दे अपनी ज़िंदगी में तू,
नेक करम से रोशनी भर दे तू।
हालात और करम
हर मोड़ पर इम्तेहान लेते हैं ये हालात,
पर मजबूत रखते हैं करम के हालात।
डर कैसा
गर करम तेरा अच्छा है, तो फिर डर कैसा,
खुदा है तेरे साथ, हर पल हर जैसा।
किस्मत और संसार
किस्मत को दोष देना है बेकार,
अपने करम से बदल दे संसार।
करम की डोर
राहें कभी आसान, कभी मुश्किल होती हैं,
मगर करम की डोर कभी नहीं टूटती है।