खामोशी के असरार: दिल की गहराइयों से
पहले असरार
तेरे दिल में क्या छुपा है, ये कैसे जानूँ मैं,
तेरी खामोशी के असरार मुझे समझाना क्या।
खामोश असरार
हर लफ्ज़ में छुपा है कोई गहरा राज़,
तेरी आँखों के असरार कौन पढ़े आज।
दिल के असरार
दिल की गहराइयों में दफन हैं कुछ राज़,
ये असरार तेरी बातें, तेरी यादों का साज़।
इश्क़ के असरार
इश्क़ के असरार कोई समझ न पाया अब तक,
ये तो रूह का सफर है, दिल का दरिया है बस।
राज़-ए-असरार
राज़-ए-असरार तेरे, अब भी हैं बेखुदी में गुम,
मेरी हर सांस में तू, मेरे हर दर्द में तुम।
अधुरे असरार
कुछ असरार थे जो रह गए अनकहे,
जिंदगी के सफर में, कुछ अधूरे से।
हर पल असरार
हर पल एक नया असरार लेकर आती है,
ये जिंदगी भी क्या खूब अजब कहानी सुनाती है।
नज़रों के असरार
तेरी नज़रों के असरार आज भी हैं अनजाने,
कैसे कहूँ तुझसे, क्या क्या दिल ने माने।
ज़िंदगी के असरार
ज़िंदगी के असरार कभी खुले नहीं पूरे,
कुछ मीठे, कुछ कड़वे, कुछ खट्टे-अधूरे।
रूह के असरार
रूह के असरार कहाँ कोई जान पाया है,
वो तो बस एक एहसास है, जो दिल में समाया है।
खामोशी के असरार
खामोशी में भी गूंजते हैं कुछ असरार,
जो सिर्फ दिल ही सुन सकता है, मेरे यार।
इंतज़ार के असरार
तेरे इंतज़ार के असरार में खो गए हम,
कब से बैठे हैं, आंखें बिछाए हम।
रात के असरार
रात की खामोशी में कई असरार छिपे हैं,
चाँदनी रातों में अक्सर दिल यूँ तन्हा जगे हैं।
बेनाम असरार
कुछ बेनाम असरार हैं मेरी बातों में,
जो सिर्फ तेरी आँखों में ही दिखते हैं रातों में।
मौसम के असरार
मौसम के बदलते असरार कुछ ऐसे हैं,
कभी धूप, कभी छाँव, कभी बारिश जैसे हैं।
वक्त के असरार
वक्त के भी अपने कुछ गहरे असरार हैं,
कभी हँसाता, कभी रुलाता, अजीब ये संसार है।
खतों के असरार
पुराने खतों में दफन हैं कई असरार,
हर लफ्ज़ में छुपा है कोई प्यार भरा इकरार।
जुबाँ के असरार
जो जुबाँ से न कह सके, वो आँखों से कह दिया,
तेरे सारे असरार मैंने पलकों में सह लिया।
तस्वीरों के असरार
पुरानी तस्वीरों में कैद हैं कई असरार,
गुज़रे लम्हों की यादें, भूली बिसरी बहार।
मिलन के असरार
मिलन के असरार भी कितने हसीन होते हैं,
जब दो दिल मिलते हैं, तो नज़ारे रंगीन होते हैं।
दर्द के असरार
हर दर्द के पीछे छुपा है कोई असरार,
जो सिखा जाता है जीने का नया संसार।
मुस्कान के असरार
तेरी हल्की सी मुस्कान में भी कई असरार हैं,
जो छुपाए हुए हैं तुमने अपने दिल के प्यार हैं।
ख़्वाबों के असरार
मेरे ख़्वाबों में भी तेरे ही असरार हैं,
हर रात तुझसे मिलकर, नई बातें हर बार हैं।