सजदा (Sajda) - इबादत के अनमोल नगमे
दिल का सुकून
तेरी चौखट पर आकर जो मिला है, वो सुकून है,
हर ग़म भुला देता है मेरा, वो मेरा सजदा है।
इश्क़-ए-इलाही
इश्क़-ए-इलाही में झुका है ये सर,
हर सजदा गवाही देता है, मेरी चाहत-ए-खुदा की।
माँगने का तरीक़ा
क्या माँगू, क्या न माँगू, कुछ समझ न आए,
बस सजदा कर लूँ, हर ज़रूरत पूरी हो जाए।
रूह की आवाज़
रूह की आवाज़ जब ज़मीं को छू जाती है,
वो इबादत का आलम, वो पाक सजदा कहलाती है।
क़ुबूलियत की निशानी
क़ुबूलियत की निशानी है, हर वो झुका सर,
खुदा की रहमत बरसती है, जब हो दिल से सजदा।
ग़मों का इलाज
जो ग़मों से थके हो तो एक बार झुक जाओ,
हर दर्द भूल जाओगे, कर के सच्चा सजदा।
इबादत का रंग
मेरी ज़िदंगी में इबादत का रंग घोल दे,
हर पल सजदा करूँ, ऐसा मुझे बना दे।
रब से मुलाक़ात
वो लम्हा कितना पाक है, कितना हसीन,
जब होता है मेरा रब से सजदा में यकीन।
आँसुओं की ज़ुबान
आँसुओं की ज़ुबान जब कुछ कह न पाए,
तब सजदा ही मेरा हर हाल सुनाए।
दिल की पुकार
झुकी है गर्दन, दिल की पुकार है,
बस एक तेरा सजदा ही मेरा संसार है।
नज़रें झुकीं
नज़रें झुकीं हैं, और दिल में अकीदत,
हर सजदा मेरा तेरी तरफ़ है, ये मेरी चाहत।
शर्त-ए-मोहब्बत
मोहब्बत की शर्त ही है, खुद को मिटा देना,
और इस मिटाने का सबसे हसीन रूप है सजदा।
गुनाहों की माफी
गुनाहों की माफी, रब से दुआओं में मिली,
हर सजदा मेरा, एक नई उम्मीद की किरण बनी।
नमाज़ की शान
नमाज़ की शान है, हर वो झुकी पेशानी,
जहाँ रब को पाया, वो पाक सजदा की कहानी।
तेरी रहमत
तेरी रहमतों का हिसाब नहीं, मेरे खुदा,
बस एक सजदा ही है मेरा, तेरी मर्ज़ी पे फिदा।
इज़हार-ए-बंदगी
इज़हार-ए-बंदगी का है ये सबसे हसीं अंदाज़,
रब के दर पे करते हैं जब हम सजदा-ए-इतराज़।
दुनिया से बेज़ार
जब दुनिया से बेज़ार हो जाए ये दिल,
तब बस एक sajda ही देता है मंज़िल।
इंतज़ार
इंतज़ार है उस पल का, उस घड़ी का,
जब मेरी रूह करे, सिर्फ तेरा सजदा।
पाक ज़मीन
जिस ज़मीन पर तूने किया सजदा,
वो ज़मीन पाक बन गई, रब का वादा।
नूरानी चेहरा
नूरानी चेहरा हो, पाक दिल हो,
हर सजदा मेरा, तेरी रहमतों का हो।
मुफ़्त की दुआ
ये मुफ़्त की दुआ है, जो मैंने पाई है,
हर सजदा में मैंने, तेरी क़ुर्बत पाई है।
इबादत का फूल
मेरी ज़िदंगी में खिलता इबादत का फूल,
हर सजदा मेरा, करता है तुझको क़ुबूल।
दिल की आरज़ू
दिल की आरज़ू है, बस तेरी मर्ज़ी हो,
और मेरी आख़िरी साँस भी, तेरा सजदा हो।
सुकून-ए-क़ल्ब
सुकून-ए-क़ल्ब मिले, ज़मीर को तसकीन,
जब तेरी इबादत में हो मेरा सजदा रंगीन।
गिड़गिड़ाना
गिड़गिड़ाना भी है इबादत, सर झुका के,
हर सजदा मेरा, तुझसे रहमतें पा के।
पाक मिट्टी
पाक मिट्टी पे जब मेरा सर झुकता है,
हर सजदा मेरा, तेरी अज़मत को बखानता है।